आज की ताजा खबर

थाईलैंड के बुद्ध अनुयायियों ने किया आनंद बोधि वृक्ष पर पूजा

top-news

इकौना-श्रावस्तीI श्रावस्ती  बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती में थाईलैंड के बुद्ध अनुयायियों ने आनंद बोधि वृक्ष पर  पूजा किया बौद्ध भिक्षु भरानंद की अध्यक्षता में ।इस दौरान बौद्ध भिक्षु भरानंद ने कहा कि अध्यात्म मनुष्य का दुख दूर नहीं करता, बल्कि केवल यह जानकारी देता है कि संसार में हर वस्तु परिवर्तनशील है।

इसलिए दुख की अवस्था भी अवश्य बीतेगी और सुख आएगा। दुख का निवारण चार सत्य को जान लेने से संभव हो जाता है।संसार में दुख है, इस दुख का कारण है, दुख का कारण दूर करने से दुख दूर किया जा सकता है, मध्यम मार्ग पर आचरण करने से दुख दूर होता है।


मध्यम या माध्यमिक मार्ग ही बौद्ध दर्शन की दूसरी शिक्षा है। माध्यमिक मार्ग से अभिप्राय है कि किसी भी वस्तु, गुण अथवा प्रवृति का न तो आधिक्य हो और न ही कमी या सर्वथा अभाव।

सब कुछ संतुलित अनुपात में हो।इस संतुलन की अवस्था को आचरण का माध्यमिक मार्ग कहा गया है और माध्यमिक के लिए ही दूसरी संज्ञा है सम्यक।

बौद्ध दर्शन सम्यक आचरण पर बल देता है, जिसके आठ अंग सम्यक ज्ञान, सम्यक विचार, सम्यक आचरण, सम्यक समाधि इत्यादि।

इसका व्यक्ति को पालन करना चाहिए।इसके बाद अनुयायियों ने तपोस्थली का भ्रमण कर बुद्धम शरणम गच्छामि का उद्घोष किया।

https://lokbharti.co.in/ad/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *